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कुछ चीजें अचानक होती हैं जो हमें काफी डरा देती हैं, जैसे कि सेक्स के दौरान कॉन्डम में छेद हो जाना। हालांकि कॉन्डम कब और कैसे फटता है, इसके आंकड़े अलग-अलग हैं लेकिन डॉक्टरों के अनुसार कुछ दुर्लभ मामलों में ही ऐसा होता है। कुछ गायनकोलॉजिस्ट मानते हैं कि कॉन्डम फटने की संभावना महज 0 से 22 प्रतिशत ही होती है। जबकि एक रिसर्च के अनुसार इसकी संभावना 7.3%  होती है। जब भी कॉन्डम फटता है, इसके इस्तेमाल के तरीके पर हमेशा ही सवाल उठता है।

इन 6 कारणों से सेक्स के दौरान या बीच में ही कॉन्डम फट सकता है:

यदि कॉन्डम पुराना हो

कॉन्डम की एक एक्सपायरी डेट होती है जो इसके बॉक्स या रैपर पर लिखी होती है। एक्सपायरी डेट के बाद कॉन्डम का इस्तेमाल करने से इसके फटने का ख़तरा अधिक होता है। इसलिए अगली बार कॉन्डम का इस्तेमाल करने से पहले लेबल को अच्छी तरह पढ़ लें।

कॉन्डम फिट नहीं होने पर

अगर ख़ासतौर मेल कॉन्डम की बात करे तो तो एक ही साइज का कॉन्डम हर किसी को फिट नहीं होता है। अगर आप किसी ऐसे कॉन्डम का इस्तेमाल करते हैं जो बहुत टाइट है या लिंग पर फिट नहीं बैठता है तो इसके फटने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए कॉन्डम खरीदने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि आपके लिए किस साइज का कॉन्डम ठीक होगा।

गलत ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल करने पर

ल्यूब्रिकेंट चिकनाई युक्त पदार्थ होता है जो लिंग प्रवेश को आसान बना देता हैI जिससे सेक्स के दौरान दर्द नहीं होता है। सेक्स को मजेदार बनाने के लिए आपको यह ध्यान देने की ज़रूरत है कि आप सही ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। ऑयल बेस्ड ल्यूब्रिकेंट या लोशन का इस्तेमाल करने से योनि या रेक्टल टिश्यू में सूजन हो सकती है और लैटेक्स कमजोर हो सकता है जिससे कॉन्डम फटने की संभावना बढ़ सकती है।

कॉन्डम के ग़लत रखरखाव से 

कॉन्डम इस तरह से बना होता है कि इसका उचित रखरखाव न करने पर इसकी कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि आप कॉन्डम को कार के ग्लोव बॉक्स, पर्स या किसी ऐसी जगह पर रखते हैं जिसका तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है तो सेक्स के बीच में ही कॉन्डम फटने की संभावना बढ़ सकती है।

फ्रिक्शन बढ़ने पर / रगड़ बढ़ने पर 

अधिक रगड़ के कारण कंडोम फट सकता है। आमतौर पर यह तब होता है जब सेक्स के दौरान दोनों पार्टनर कॉन्डम का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षित यौन संबंध की ज़रूरत को हम सब समझते हैं लेकिन अधिक सतर्कता बरतने से भी कई बार उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा प्राकृतिक ल्यूब्रिकेशन की कमी के कारण भी रगड़ ज़्यादा हो सकती है। ऐसी स्थिति में सेक्स को आसान बनाने के लिए पानी या सिलिकॉन युक्त ल्यूब्रिकेंट का उपयोग करें।

सही तरीके से कॉन्डम न पहनने पर

उत्तेजना के उन पलों का मतलब यह नहीं है कि आप कॉन्डम लगाना भूल जाएं, क्योंकि सुरक्षा ही सबसे बड़ी ख़ुशी है। यदि आप सेक्स के बीच में कॉन्डम पहनते हैं तो यह ध्यान रखें कि इस पर नाखून या दांत न लगे और इसे नीचे और अंदर की ओर स्लाइड करते हुए सही तरीके से पहनें। इसके अलावा सेक्स शुरु करने से पहले ही कॉन्डम पहनना एक अच्छा विकल्प है। इससे आपको सावधानीपूर्वक कॉन्डम पहनने का समय मिलता है और मुख मैथुन के दौरान भी पर्याप्त सुरक्षा बनी रहती है।

क्या आपको पता चल पाता है कि कॉन्डम फट गया है?

यदि आप और आपका पार्टनर कॉन्डम को लेकर सचेत हों तो कॉन्डम फटने पर एहसास हो सकता हैI सेंसेशन में हुए बदलाव को पहचान सकते हैं। हालांकि ज़्यादातर मामलों में कॉन्डम कब फटा, उस सटीक क्षण को पहचानना काफ़ी मुश्किल होता है। यदि आपको सेंसेशन में बदलाव महसूस होता भी है तो दरअसल यह कॉन्डम फटने के कुछ समय बाद ही होता है।

कॉन्डम फटने पर क्या करें?

कॉन्डम फटने पर क्या करें, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कॉन्डम किस स्टेज में फटा और आपको कितनी जल्दी पता चला। सबसे पहली बात यह कि घबराएं नहीं। धैर्य रखें और शांत दिमाग से सोचें। आइये जानते हैं कॉन्डम फटने पर क्या करना चाहिए:

– जैसे ही आपको पता चलता है कि कंडोम फट गया है, सेक्स वहीं पर रोक दें।

-आप और आपके पार्टनर को अपने जननांगो और मलाशय के आसपास के हिस्से को साबुन और पानी से धोना चाहिए। हालांकि स्क्रब या कठोर कीटाणुनाशक का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे सूजन और रगड़ आ सकती हैं। महिलाओं को भी अच्छी तरह डाउचिंग (योनि की पानी के छींटे मारकर सफाई)  करनी चाहिए।

-यदि आपको शक है कि आपके पार्टनर का सीमेन आपकी योनि में चला गया है, और आपने गर्भनिरोधक के किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल नहीं किया है, तो आप आपातकालीन गर्भनिरोधक का प्रयोग कर सकती हैं। हालांकि इसका सेवन करने से पहले आपको गायनेकोलॉजिस्ट से पीसीओडी/ पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं की जांच करा लेनी चाहिए।

-यदि आप अपने पार्टनर के यौन रोगों, एचआईवी या एसटीआई की संभावना के बारे में नहीं जानती हैं तो जितनी ज़ल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर आपको एचआईवी के ख़तरे से बचाने के लिए एंटीरेट्रो वायरल मेडिकेशन का 28 दिनों का कोर्स शुरु करेंगे चाहे भले ही आप और आपके पार्टनर का टेस्ट निगेटिव हो।

वह कहावत याद है न कि समय पर इलाज कराने से बीमारी जल्दी ठीक होती है, इसे हमेशा ध्यान रखें चाहे सेक्स के दौरान आपका कॉन्डम फट जाए या फिर भले ही आपके साथ कभी इस तरह की घटना नहीं हुई हो।

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