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प्यार के तूफ़ानी पल गुज़र गये और फिर याद आया कि निरोध का इस्तेमाल तो किया ही नहीं था. कई बार यह भी होता है कि प्यार करने के दौरान ही कॉन्डोम फट जाता है. कई बार गर्भ निरोधक गोलियां लेना भूल जाते हैं. इन हालत में क्या किया जाये? अनचाहे गर्भ की चिंता से छुटकारा पाने के तरीक़े क्या हैं?

पिछले कुछ सालों से एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव यानि आपातकालीन गर्भनिरोधक का नाम बार-बार सामने आ जा रहा है. क्या है यह? क्यों इसे एमरजेंसी  कॉण्ट्रासेप्टिव कहा जाता है?

पहले सवाल का जवाब इस लेख के सबसे पहले पैराग्राफ में है. उन हालात में जब सेक्स से पहले पर्याप्त निरोध का इस्तेमाल न किया गया हो, एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव सबसे कारगर उपाय के तौर पर नज़र आता है. गोलियों के रूप में उपलब्ध यह आपात निरोध असुरक्षित सेक्स करने के बहत्तर घंटे के अंदर लिया जाता है. इससे गर्भ ठहरने की संभावना 90% तक कम हो जाती है.

क्या एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल का लगातार सेवन किया जा सकता है?

जैसा कि नाम से स्पष्ट है, एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल यानि आपातकालीन गर्भ निरोधक गोलियों का इस्तेमाल आपात स्थितियों में ही होना चाहिए. हालाँकि इस बात की कोई सीमा तय नहीं है कि आप साल भर में कितनी बार आपातकालीन गोलियों का इस्तेमाल कर सकते हैं पर इसके लगातार सेवन से कई प्रकार के तात्कालिक दुष्प्रभाव भी नज़र आ सकते हैं.

लगातर सेवन के लिए सेक्स से पहले उपयोग किये जाने गर्भनिरोधक बेहतर होते हैं. इनमें भी कॉन्डोम के इस्तेमाल को सबसे अधिक अच्छा माना जाता है क्योंकि यह न केवल अनचाहे गर्भ से बचाता है, यौन संक्रमण और यौन रोगों से भी काफ़ी हद तक सुरक्षित रखता है.

लगातार सेवन से होने वाले नुकसान एवं अन्य ज़रूरी जानकारियां :

इस बात में कोई शक़ नहीं है कि एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव असुरक्षित सेक्स के बाद पैदा हुए अनचाहे गर्भ के डर को फ़ौरन ही छूमंतर कर देता है, इसका बार-बार लगातार उपयोग शरीर पर कई तरह के हानिकारक दुष्प्रभाव डालता है. लम्बे समय तक इसका लगातार इस्तेमाल कुछ महिलाओं में  भविष्य में गर्भ धारण करने में भी समस्या पैदा कर सकता है. थकावट, सरदर्द, मितली आना जैसे कम समय वाले दुष्प्रभाव भी कई बार इन गोलियों के सेवन के बाद नज़र आते हैं.

एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल के बारे में यह जानना भी ज़रूरी है कि ये गोलियाँ गर्भ से बचने के लिए उपयोग में लायी जाती हैं न कि गर्भ समापन के लिए.

इसका इस्तेमाल असुरक्षित सेक्स सम्बन्ध के तुरंत बाद कर लिया जाना चाहिए क्योंकि जितनी जल्दी इसका इस्तेमाल होगा, असर उतना ही बेहतर होगा.

कुछ मामलों में देखा गया है कि एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल के इस्तेमाल के बाद योनी से हल्का रक्त स्त्राव होता है. यह आम है पर अगर रक्त स्त्राव अधिक हो तो आवश्यक है कि डॉक्टर से तुरंत सलाह ली जाए.

अन्य प्रकार के एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव

कॉपर टी आईयूडी भी अत्यंत उपयोगी एमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव है. इसे असुरक्षित सेक्स के पांच दिन के अन्दर लगाया जा सकता है और माना जाता है कि 99.9 % बार यह अनचाहे गर्भ से बचने में मदद करता है. यहाँ यह नोट करना बहुत ज़रूरी है कि पहले से गर्भवती महिला पर इसके इस्तेमाल से कोई प्रभाव नहीं करेगा. लम्बी अवधि के निरोध के रूप में इस्तेमाल किये जाने वाले आई यू डी भी केवल अनचाहे गर्भ की संभावना को ख़त्म करते हैं, गर्भसमापन नहीं.

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