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प्यार के जो ख़ुशनुमा पल बीते थे, उसमें थोड़ी गड़बड़ हो गयी। कॉन्डम फट गया और पता ही न चला।।। ये कोई अनोखी घटना नहीं। प्यार के उन जुनूनी पलों में कई बार गड़बड़ हो जाती है, मसलन कभी गर्भ निरोधक गोली का कोई डोज़ छूट गया हो या फिर कभी आवेग के पलों में निरोध का ख़याल ही न आया हो।

 शारीरिक सम्बन्ध के उन पलों में साथी कोई भी रहा हो, असुरक्षित सम्बन्ध बनाने के बाद जानना ज़रूरी हो जाता है कि अगले कुछ हफ़्ते आप अपना ख़याल किस तरह रखने वाले हैं। क्या करना ज़रूरी है और क्या नहीं! तो आइये करते हैं शुरुआत –

 पहले तीस मिनट के अन्दर: असुरक्षित शारीरिक सम्बन्ध बनाने के कुछ मिनट के अन्दर ही कोशिश होनी चाहिए कि मूत्र त्याग कर लिया जाए। यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (मूत्रनली के इन्फेक्शन) से बचाने में कारगर होता है।  इससे असुरक्षित सम्बन्ध के ज़रिये जननांग के सहारे शरीर में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया तुरंत  बाहर निकल जाते हैं और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन जैसी बीमारियों का ख़तरा घट जाता है। हालाँकि किसी भी प्रकार का संदेह होने पर डॉक्टर से ज़रूर बात करनी चाहिए।मगर ये ध्यान रखें की इससे गर्भ धारण या दूसरे STIs और STDs का खतरा बिलकुल नहीं टलता। 

पहले बहत्तर घंटों के अन्दर: यह कहा जाता है कि आपातकालीन गर्भ निरोधक गोली अथवा इमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल असुरक्षित सेक्स होने के बहत्तर घंटे के अन्दर ले लिए जाना चाहिए, क्योंकि कहा जाता है कि जितनी जल्दी लिया जाए, इसका प्रभाव उतना बेहतर होता है। अतः कोशिश होनी चाहिये कि अनसेफ़ सेक्स होने के बाद जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर आपातकालीन गर्भ निरोधक ले लिया जाए। इन आपातकालीन गोलियों का परिणाम 98 फ़ीसदी तक सही होता है।

अगर किसी वजह से आपकी डॉक्टर से मुलाक़ात संभव न हो पायी हो तो आप नज़दीक के किसी दवाई दूकान से भी आपातकालीन गर्भनिरोधक ले सकती हैं, किन्तु ध्यान रखें, इन आपातकालीन गोलियों का लगातार प्रयोग स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए आपातकालीन यानी इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल इमरजेंसी में होना चाहिए।

 पाँच दिनों के अन्दर: क्या आप जानते थे कि आई यू डी ( इंट्रा यूटेरिन डिवाइस) न केवल आम गर्भ निरोधक बल्कि आपातकालीन गर्भनिरोधक का काम भी करता है। अगर अनसेफ़ सेक्स होने के पाँच दिनों के अन्दर आई यू डी लगवा लिया जाये तो गर्भ ठहरने की संभावना कम हो जाती है। अगर आप लम्बे समय के लिए प्रभावी गर्भनिरोधक की तलाश में हैं तो कॉपर आई यू डी अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 दो हफ़्ते बाद: अनसेफ़ सेक्स करने के दो हफ़्ते बाद एक टेस्ट एस टी आई के लिए करवा लिया जाना चाहिए। हाँ, अगर आपने यह सम्बन्ध अपने नियमित साथी के साथ बनाया है जिसे किसी भी प्रकार का यौन रोग नहीं है, तब आप टेस्ट छोड़ सकती हैं किन्तु नये साथी से इस तरह का सम्बन्ध स्थापित करने के बाद टेस्ट करवा लेना आपके यौनिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।

 तीन हफ़्ते बाद: तीन हफ़्ते बीत चुके हैं। इस दरमियाँ आपने न डॉक्टर से किसी तरह की मुलाक़ात की, न कोई टेस्ट करवाया, न ही किसी तरह का आपातकालीन निरोध लिया। अगर आपके पीरियड्स (मासिक) में देरी हो रही हो किसी भी प्रकार की दुविधा में रहने से बेहतर है कि अब आप प्रेगनेंसी  जांच करवा लें। इतने वक़्त में प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए ज़रूरी एच सी जी हार्मोन प्रचुर मात्रा में बन चुका होता है। इससे आपको आगे के फ़ैसले लेने में सहूलियत होगी।

अगली बार क्या करें: एक बार ग़लती हो जाने पर गाँठ बाँध लें कि अगली बार कॉन्डम भूल से भी न भूलें। अगर आप स्थाई निरोध चाहती हैं तो आई यू डी या फिर स्टरलाइज़ेशन चुन सकती हैं।

यहाँ नोट करने वाली बात यह है कि इस तरह के निरोध आपको गर्भ ठहरने की चिंता से तो छुटकारा दिलवा सकते हैं लेकिन यौन संक्रमण (एस टी आई) से बचने का सबसे कारगर उपाय कॉन्डम ही है।

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