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महिलाओं में अनचाहे गर्भ की समस्या एक रिप्रोडक्टिव हेल्थ समस्या है जिसका  विश्व स्तर पर महिलाओं द्वारा सामना किया जाता है. आपातकालीन गर्भ निरोधकों (ECs) या ‘मॉर्निंग आफ्टर पिल’ का उपयोग सेक्स के बाद प्रेगनेंसी को रोकने के लिए किया जाता है जब आप बर्थ कंट्रोल का या तो उपयोग नहीं करते या आप बर्थ कंट्रोल पिल्स को लेना भूल गए या आप के साथ किसी प्रकार का यौन शोषण हुआ हो या आपके बर्थ कंट्रोल का तरीका फेल हो गया हो .

इसका सही अर्थ यह है:

1. अगर आप ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का उपयोग नहीं कर रहे:

  • आकस्मिक या बिना प्लान किये सेक्स करना 
  • सेफ पीरियड का गलत अंदाज़ा लगाना 

2. कॉन्ट्रासेप्टिव दुर्घटना या दुरुपयोग:

  • कंडोम के टूटने, फिसलने या सही तरीके से नहीं निकालने के कारण सीमेन का लीक होना 
  • डायाफ्राम (Diaphragm) या सरवाइकल कैप (Cervical cap ) का खिसकना
  • लगातार दो या दो से अधिक दिनों तक ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स या गर्भनिरोधक गोलियां न खाने से या 2 दिनों से अधिक दिन तक नया पैक शुरू करने में देरी होना 
  • यदि आईयूडी गलत तरीके से निकल जाए या अचानक निष्कासित हो जाये 
  • गर्भ निरोधक इंजेक्शन के लेने में 2 सप्ताह से अधिक की देरी

3. असुरक्षित संपर्क

  1. यौन शोषण या  बलात्कार या यौन हमला 

विश्व स्तर पर अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए और गर्भपात की संख्या में वृद्धि को रोकने के लिए इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (ECs) की भूमिका महत्वपूर्ण बन रही है . यह दुनिया भर में आर्थिक स्तर पर कमज़ोर महिलाओं के लिए आसानी से उपलब्ध, सुलभ और सस्ती है.

इसका उपयोग हार्मोनल और गैर-हार्मोनल दोनों हैं. लेकिन ये बर्थ कंट्रोल की एक प्राथमिक विधि नहीं हैं.

ये पिल्स यौन संचारित संक्रमण यानी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन्स (STI) से रक्षा नहीं करती हैं.

 ये 5 दिनों (120 घंटे) तक प्रभावी होती हैं, लेकिन ये तभी सबसे अधिक प्रभावी होती हैं जब इसका सेवन जल्द से जल्द या 72 घंटों के भीतर किया जाता है. इन्हें  मासिक धर्म साइकल के दौरान किसी भी समय लिया जा सकता है.

वर्तमान में इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स दो प्रकार की उपलब्ध हैं:

  1. ओरल पिल्स – लीवोनोर्जेस्ट्रेल(LNG) 1.5 मिलीग्राम प्रति या 0.75 मिलीग्राम 12 घंटे के अलावा या अल्सरिस्टल एसीटेट (UPA) 30 मिलीग्राम

ओरल पिल्स: 

ओरल पिल्स ओव्यूलेशन को रोकने या देर से करने का काम करती हैं और इनका  गर्भधारण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. वे अंडे के फर्टिलाइजेशन के साथ इम्प्लांटेशन को भी रोकती हैं.इन्हें अबोर्शन की गोलियों के साथ भ्रमित न करें.

यूलिप्रिस्टल (UPA) और लेवोनोर्गेस्ट्रेल (LNG)

  1.  यूलिप्रिस्टल एक प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर है.
  2.  एलएनजी एक प्रोजेस्टेरोन हार्मोन है.

यूपीए और एलएनजी की प्रभावकारिता 98 से 99.5% के बीच है.

साइड इफेक्ट्स 

आमतौर पर थोड़े से साइड इफेक्ट होते हैं (जी घबराना , उल्टी, योनि से अनियमित रक्तस्राव और थकान)। कोई लॉन्ग टर्म या गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हैं. ये पिल्स भविष्य में फर्टिलिटी को भी प्रभावित नहीं करती हैं.

हम महिलाओं को गर्भनिरोधक की नियमित विधि के रूप में इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (ECs) का उपयोग करने की सलाह नहीं देते हैं क्योंकि इससे मासिक धर्म की अनियमितता होती है.सबसे बेहतर होता है कि अगली बार आप अपनी पसंद का कोई भी गर्भनिरोधक मेथड चुन लें .

यह उन महिलाओं के लिए ज्यादा प्रभावशाली नहीं है जिनका वजन ज्यादा है या जो मोटापे की शिकार हैं.

क्या करें और क्या न करें:

  1.  इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आने वाले दिनों और हफ्तों में आपकी रक्षा नहीं करेगी. बर्थ कंट्रोल की अन्य विधि का भी उपयोग शुरू करना सुनिश्चित करें और सेफ सेक्स करें.
  2. गोली की वजह से आपके अगले पीरियड में देरी हो सकती है. इसलिए,  इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (ECs) लेने के 3 से 4 सप्ताह के भीतर यदि आपके पीरियड नहीं होते तो कृपया प्रेगनेंसी टेस्ट करें.
  3. यदि आपकी स्पॉटिंग या ब्लीडिंग 7 दिनों से अधिक समय तक रहती है या आपको पेट के निचले हिस्से में गंभीर दर्द होता है तो कृपया अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें . ऐसे समय में यह पता लगाना ज़रूरी होता है कि कहीं आपका गर्भपात या आपकी फैलोपियन ट्यूब में  (एक्टोपिक प्रेगनेंसी ) तो नहीं है क्योंकि ऐसी स्थिति को नियंत्रित करना ज़रूरी है .
  4. यदि आप पहले से ही गर्भवती हैं या आरोपण हुआ है तो इमरजेंसी पिल्स का कोई प्रभाव नहीं होगा. यह एबॉर्शन का विकल्प नहीं है.
  5. ये पिल्स यौन संचारित संक्रमण यानी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन्स (STI) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करती हैं.
  6. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स(ECs) का उपयोग गर्भनिरोधक की नियमित विधि के रूप में न करें. इनका उपयोग हर बार सेक्स के बाद नहीं किया जाना चाहिए. यह नियमित गोलियों की तुलना में कम प्रभावी है.
  7. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स(ECs) लेने के तीन घंटे के भीतर उल्टी होने पर आपको एक और टेबलेट लेने की जरूरत है.
  8. अतिरिक्त गोलियां न लें और दो अलग-अलग प्रकार की गोलियों को साथ में न लें .ऐसा करने से पिल्स प्रभावशाली नहीं होगी,साइड इफेक्ट्स बढ़ेंगे .

अंत में मैं यही कहूंगी कि आप अपने गर्भनिरोधक विकल्पों के बारे में खुद को अधिक शिक्षित,जानकार और सशक्त बनायें जिससे आप अपनी  रिप्रोडक्टिव हेल्थ का अच्छे से ख्याल रख सकें .

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