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      बच्चों के जन्म में सही अंतर होने से माँ और नवजात का स्वास्थ्य ठीक रहता है और साथ साथ परिवार में खुशियाँ भी लाता है. इसके अलावा इसके अन्य फायदे भी हैं ,इससे माँ को तनाव कम होता है, बच्चे के साथ जुड़ाव बनाने के लिए उसके पास अधिक ऊर्जा और अधिक समय होता है ,पति और परिवार के साथ बिताने के लिए अधिक समय होता है साथ ही आर्थिक दबाव भी कम होता है.

   गर्भनिरोधक या कॉन्ट्रासेप्टिव मेथड का चुनाव करना एक कठिन काम है और यह निर्णय आम तौर पर निर्भर करता है कि मेथड कितना सफल रहेगा, कितना खर्चा होगा और  क्या इसमें सर्जरी की ज़रुरत पड़ेगी. और इस बात से भी फर्क पड़ता है कि आपकी सोच कैसी है .  किसी गर्भनिरोधक का प्रयोग न करने पर 100 में से 80 से 90 महिलाएं एक वर्ष में गर्भवती हो जाती हैं. आइए हम आपको सबसे अच्छा शॉर्ट टर्म एक्टिंग रिवर्सिबल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (SARC) मेथड चुनने में मदद करें जो आपके लिए बेहतरीन तरीके से काम करे और जिसे आप एक बार या रोज़ या मासिक रूप से प्रयोग कर सकें. जब आप इनका प्रयोग रोक देते हैं तब इन उपायों का प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता है .ये पूरी तरह से प्रतिवर्ती (Reversible) हैं. इसका मतलब यह है कि जब आप इन्हें लेना बंद कर देते हैं तो मेंसट्रूअल साईकल सामान्य हो जाता है और महिला बाद में गर्भवती हो सकती है.

क्योंकि वे प्रतिवर्ती होते हैं, इसलिए आमतौर पर इन्हें शॉर्ट टर्म एक्टिंग रिवर्सिबल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (SARC) बुलाया जाता है.

इस लेख में हम सामान्य तौर पर प्रयोग की जाने वाली शॉर्ट टर्म एक्टिंग रिवर्सिबल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (SARC) पर चर्चा करेंगे: ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (OCPs) या संयुक्त गोलियां जो हार्मोन रिलीज़ करके काम करती हैं , इमरजेंसी गर्भनिरोधक (EC) और कंडोम (पुरुष और महिला)

ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (OCPs): इन पिल्स में आपके नेचुरल हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन होते हैं. इनका सही तरीके से उपयोग इन्हें 99% प्रभावी बनाता है लेकिन यदि आप उचित निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो इनकी प्रभावकारिता 91% तक गिर जाती है (100 महिलाओं में से 9 गर्भवती हो सकती हैं). OCPs यानी गर्भनिरोधक गोलियां मुख्य रूप से ओव्यूलेशन को रोक कर गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के चारों ओर पाए जाने वाले म्यूकस (एक प्रकार का तरल पदार्थ) को गाढ़ा करने का काम करती हैं. इससे स्पर्म  यूट्रस में प्रवेश नहीं कर पाता. आपको आपकी मेडिकल और परिवार के इतिहास के आधार पर अपनी गायनाकोलोजिस्ट से वह गोली जो आपके लिए सबसे अच्छी है, एक मेडिकल प्रिसक्रिप्शन द्वारा लेनी चाहिए.

Short acting methods hai vo garbhnirodhak tareeke jo kam samay ke antar mein use kiye jaate hain, unchahe garbh se…

Posted by Khushiyon ki Shuruaat on Monday, December 23, 2019

साइड इफेक्ट्स

        इन पिल्स के साइड इफेक्ट्स आम तौर पर मामूली होते हैं जैसे कि जी मिचलाना , सिरदर्द, ब्रेस्ट में कोमलता और पहले कुछ महीनों में मूड में बदलाव. सिर्फ कुछ महिलाओं को ये साइड इफेक्ट्स होते हैं पर ये ज्यादा समय तक नहीं रहते .हाई ब्लड प्रेशर ,माइग्रेन,व्यक्तिगत या परिवार में क्लॉटिंग या थ्रोम्बोटिक की समस्या वाली महिलाओं,  धूम्रपान करने वाली महिलाओं और अधिक वजन वाली महिलाओं को इन्हें लेने से बचना चाहिए .

                    गोली शुरू करने का सबसे अच्छा समय पीरियड्स के पहले पांच दिन में  होता है ( बेहतर पहला दिन) जिससे उसी साईकल में तत्काल सुरक्षा मिले .आपको गोली न लेने वाले दिनों में हर महीने ब्लीडिंग होगी. यदि आपने पिल्स सही तरीके से ली है तो पिल फ्री डेज सहित आपको पूरे साईकल में सुरक्षा मिलेगी. हर दिन एक ही समय पर गोली लेना आपको नियमित होने में मदद करेगा. आपकी वार्षिक जांच में वजन, ब्लड प्रेशर या कोई नई हेल्थ समस्या शामिल होनी चाहिए.

पिल्स के गर्भनिरोधक उपयोग के अलावा कई गैर-गर्भनिरोधक लाभ (पिछले लेख को हाइपरलिंक) भी हैं:

1. पीरियड्स में दर्द या हैवी ब्लीडिंग में कमी

2. प्री मेंसट्रूअल तनाव में कमी

3. सामान्य ओवरियन सिस्ट और फाईब्रॉयड के लक्षणों में कमी

4. सौम्य स्तन रोग, ओवरियन, कोलोन और एंडोमेट्रियल के कैंसर के जोखिम में कमी

5. पैल्विक इन्फ्लेमेटरी डिज़ीज़ की घटनाओं में कमी

गोली कम असरदार होती है यदि

     1. यदि आप गोली लेना भूल जाएँ या अगला पैक देर से शुरू करें.

      2. यदि आपको गोली लेने के 3 घंटे के भीतर उल्टी हो जाती है या 24 घंटे से अधिक समय तक आपको डायरिया रहता है.

      3. यदि आप मिर्गी, टी .बी. या एचआईवी की मेडिसिन ले रही हैं.

मिथक जिन्हें खत्म किया जाना चाहिए 

 1. वजन बढ़ने का गोलियों के सेवन से कोई संबंध नहीं है

2. गोलियां लेने पर आपकी फर्टिलिटी क्षमता पर कोई असर नहीं होगा बल्कि, गोली लेना रोकने के तुरंत बाद आप प्रेगनेंट हो सकती हैं .

3. जब आप OCP ले रहे होते हैं तो हर कुछ वर्षों में अंतराल की आवश्यकता नहीं होती है. इससे किसी हेल्थ बेनिफिट की जानकारी नहीं है.

गर्भनिरोधक गोलियों के कुछ अन्य लाभ

1. एबॉर्शन के तुरंत बाद पोस्ट एबोर्टल फैमिली प्लानिंग शुरू करने की यह एक बहुत अच्छी विधि है 

 2. यदि आप ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा रही हैं तो डिलीवरी के बाद या पोस्टपार्टम गर्भनिरोधक के रूप में इसे जल्द से जल्द 21 दिनों बाद शुरू किया जा सकता है. ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माँओं को OCPs लेने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि वे मिल्क प्रोडक्शन को प्रभावित करती हैं.

इमरजेंसी गर्भनिरोधक (EC): इसका प्रयोग आप तब कर सकते हैं जब आप ने बिना बर्थ कंट्रोल पिल्स के शारीरिक सम्बंध बनाये हों या आपको लगता है कि आपका तरीका विफल हो गया है. भारत में सामान्य रूप से उपलब्ध टैबलेट लेवोनोर्गेस्ट्रेल (1.5mg)  है जिसे शारीरिक सम्बंध के बाद जितनी जल्दी हो सके लिया जाना चाहिए ( 72 घंटों के अंदर लेना ठीक रहता है )

कंडोम (पुरुष या महिला): अगर लगातार और सही तरीके से इसका प्रयोग किया जाए तो यह उपाय न केवल आपको अनचाहे गर्भ बल्कि यौन संचारित संक्रमणों से भी सुरक्षा प्रदान करता है.

निष्कर्ष के रूप में अपने लिए बेस्ट SARC विधि चुनने से पहले अपने पार्टनर के साथ-साथ अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर के साथ ऊपर बताये गए विकल्पों पर चर्चा करें.

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