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बच्चों में डायरिया एक बहुत ही आम बीमारी है. यह सभी आयु वर्ग के बच्चों को प्रभावित करता है, हालांकि छोटे बच्चों में डीहाइड्रेशन होने और डायरिया से जुड़ी अन्य जटिलताओं के बढ़ने की अधिक संभावना होती है.

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण डायरिया भी होता है. इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि डायरिया का उपचार पूरी तरह संभव है और पूरी तरह से इसकी रोकथाम की जा सकती है .

सबसे ज़रूरी ध्यान रखने वाली अगली बात यह है कि जब आपका बच्चा बार-बार लूज़ मोशन , बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत करता है तो बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें . इसके अलावा आपको अपने बाल रोग विशेषज्ञ से अपने बच्चे में डायरिया के उपचार की अवधि के बारे में भी ज़रूर पूछना चाहिए.

एक्यूट डायरिया से पीड़ित स्वस्थ और पोषित बच्चों में  डायरिया का  उपचार 5-7 दिनों से अधिक समय तक चलने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनकी रिकवरी जल्दी होती है . हालांकि, ऐसे बच्चे में जो अल्पपोषित या कुपोषित है उनमें एक्यूट डायरिया से गंभीर समस्या हो सकती है. इसलिए उनका उपचार स्वस्थ बच्चों की तुलना में लंबी अवधि तक चलना चाहिए. नियम के रूप में- डायरिया के इलाज की अवधि का निर्धारण डायरिया की प्रकृति(शॉर्ट टर्म या एक्यूट या लॉन्ग टर्म या क्रोनिक) के आधार पर तय की जाती है, बच्चे के पोषण की स्थिति (अच्छी तरह से पोषित, कुपोषित, कुपोषित के तहत) और डीहाइड्रेशन की स्थिति ( हल्का, मध्यम, गंभीर) को देखकर किया जाता है .

जब डायरिया के इलाज की बात हो तो कुछ बातों को ध्यान में रखना ज़रूरी है:

जैसा कि मैंने पहले भी उल्लेख किया है, डायरिया में डीहाइड्रेशन सबसे महत्वपूर्ण जटिलता है. इसलिए डायरिया के लक्षण दिखाई देते ही अपने बच्चे को तरल पदार्थ देना शुरू करना बहुत महत्वपूर्ण है.

आपको अपने बच्चे के आहार में अधिक मात्रा में सूप, दाल और ताजा फलों के रस को शामिल करना चाहिए. 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए सिर्फ ब्रैस्ट फीडिंग की सलाह दी जाती है.

डायरिया के साथ पानी की कमी पूरा करने को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि आपका बच्चा न केवल शरीर से तरल पदार्थ खो रहा है, बल्कि आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स भी खो रहा है. इसलिए आपके बच्चे के शरीर में उसकी कमी को पूरा करने का सबसे अच्छा तरीका है यह है कि आप उसे ORS या ORAL REHYDRATION SOLUTION (ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन ) देते रहें .

ओआरएस एक विशेष फ़ॉर्मूला है, जो डब्ल्यूएचओ या विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों पर बनाया गया है. इसे पानी के साथ मिलाकर बच्चे को दिया जाना चाहिए .ओआरएस में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो आपके बच्चे के शरीर से लूज़ मोशन के साथ समाप्त हो जाते हैं.

यदि आपका बच्चा 2 वर्ष से कम उम्र का है:

तो आपको हर लूज़ मोशन के बाद अपने बच्चे को कम से कम 1/4या 1/2 कप ओआरएस  (एक कप 250मि.ली.) देने की आवश्यकता होगी.

यदि आपका बच्चा 2 वर्ष से अधिक आयु का है:

तो आपको हर लूज़ मोशन के बाद अपने बच्चे को 1/2 या एक कप ओआरएस देने की आवश्यकता होती है.

ओआरएस सभी मेडिकल स्टोर और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आसानी से उपलब्ध होता है.

यदि घर में ओआरएस उपलब्ध नहीं है, तो आप यह उपाय कर सकते हैं-

एक लीटर पानी में छोटी चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाएं.

              ध्यान रहे नमक की मात्रा के साथ-साथ चीनी भी अधिक मात्रा में न हो, इससे डायरिया की स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए निर्देशानुसार मात्रा का ही प्रयोग करें .

जिंक सप्लीमेंट्स 

जिंक सप्लीमेंट्स बच्चों में लूज़ मोशन रोकने में प्रभावी होते हैं  . जिंक सप्लीमेंट्स छोटे बच्चों के लिए ड्रॉप्स और बड़े बच्चों के लिए सिरप और टेबलेट्स के रूप में मौजूद हैं. जिंक की खुराक डायरिया शुरू होते ही दे देनी चाहिए और इसे  14 दिनों तक लगातार बच्चों को देने से उनमें बिमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.

याद रखें ये केवल कुछ उपाय हैं जिन्हें डायरिया के उपचार के समय ध्यान में रखना  चाहिए .आपका बाल रोग विशेषज्ञ आपके बच्चे में डायरिया के उपचार की अवधि और तरीका तय करने के लिए सबसे सही व्यक्ति है . अगर डायरिया की स्थिति में आराम नहीं होता तो ओआरएस और जिंक सप्लीमेंट के अलावा, आपके बच्चे को दवाओं की भी आवश्यकता हो सकती है.

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